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Thursday, December 18, 2025

जीना कितना आसान है

जीना कितना आसान है 

घोड़े बैल कुल्हण अब नुमाइश का सामान है
इस रंग बदलती दुनिया में जीना कितना आसान है 
भूसा वाला बखारी देखो सजावट का सामान है 
इस रंग बदलती दुनिया में जीना कितना आसान है

सौवे निनाबे पढ़ायेंगा कौन इस हैन्ड्रेड वाली दुनिया में 
कैप पहना के भेजा था टोपी पहना के भेजा है
कुछ मिट गया कुछ मिट जाएगा जरूरत का सिद्धांत है
इस रंग बदलती……

जेब काटने वाले पूछें जेब में कुछ है कि नहीं
ऐसे बदल रहीं है दुनिया शर्मों-हया है कि नहीं
कुछ लुट गया कुछ लुट जाएगा हाथ लगाने का विज्ञान है
इस रंग बदलती……….

चार दिन का बखेड़ा है फुटपाथ को जिलाना है
अगले चार दिनों में ही तय इसका मर जाना है
कुछ खप गया कुछ खप जाएगा अतिक्रमण का सिद्धांत है
इस रंग बदलती दुनिया में…….

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